आतंकवाद

२० वी सदी से चले आ रहे ,आतंकवाद का कही कोई अंत नज़र नहीं आता ,जब लगता काबू में सब कुछ, दूर कही फिर कोई धमाका होजाता ।
त्योहारों के माहोल में अब कभी भी नज़र आता आतंकवाद है ।
मिलो तक फेली खुशहाली को तबाह करता आतंकवाद है ।
कहाँ से पनपा कहाँ से आया यह शब्द आतंकवाद है ।
चाहे भारतीय मरे या पाकिस्तानी मरता एक इन्सान है ।
आतंकवाद ने दुनिया को बाटा या बटे हुए संसार में पनपा आतंकवाद है ।
दुनिया को जिसने हिलाके रखा ,चौका के रखा वह आतंकवाद है ।
कोई कहता पश्चिम की देन ,तो कोई कहता अपने ही बिच से पनपा ये आतंकवाद है ।
दुनिया खिलाफ है आतंकवाद के पर क्या कर रही है ,हटा रही है आतंकवादियों को ।
महात्मा गाँधी ने कहा है " बुरे व्यक्ति से नहीं उसकी बुराई से नफरत करो ",उसकी बुराई को दूर करो।
तो यह महात्मा गाँधी का देश क्यूँ भुला उनका ये सबक है ।

कुछ दिनों पहले पाकिस्तान की कुछ सचिव भारत के दौरे पर आये थे ,वे यहाँ मुंबई में हुए आतंकी हमलो पर चर्चा करने वाले थे , ऐसी कोई चर्चा उनके और भारत के सचिव के बिच नहीं हो पाई । कारन
समझ से परे है , आखिर जब तक विश्व एक साथ इस के खिलाफ खड़ा नहीं होगा इसका अंत केसे होगा । विश्व में ऐसा कोई देश नहीं जो इसकी मर न झेल रहा हो पर आज ..........

कही तोह छुपे है ये आतंकवादी , कही तो है इनका अस्तित्व ,

Comments

  1. good work...but try to write on remedy

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  2. bachaa..i m very happy to c ur writting and i m damn sure about u that soon u gonna blast with ur work and ur work will speak much better than ur deeds...may god bless u and keep up the good work ..my heartily wishes for u.n i know one day i will be working with u ....may god bless u and may god fulfill ur all wishes and dreams ....

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